पहाड़ी जाड़े की सौगात: सना हुआ नींबू

सामग्री:
बड़े पहाड़ी नींबू – २
पहाड़ी माल्टे – २
पहाड़ी मूली – १
दही – १/२ किलो
हरे धनिये और हरी मिर्च से बना मसालेदार नमक
भांग के भुने बीजों का चूरन
कतला हुआ गुड़ – ५० ग्राम
पहाड़ी नींबू करीब करीब बड़े दशहरी आम जितने बड़े होते हैं। माल्टे, मुसम्मी और संतरे के बीच का एक बेहद रसीला फल होता है। ताज़ी पहाड़ी मूली में ज़रा भी तीखापन नहीं होता। भांग के बीजों में नशे जैसी कोई बात नहीं होती और कुमाऊं-गढ़्वाल में जाड़ों में बनने वाले तमामतर व्यंजनों में इस का इस्तेमाल होता है।
बनाने का तरीका:
नीबू और माल्टे छील कर छोटे-छोटे टुकड़े कर लें। मूली के भी लम्बाई में टुकड़े कर लें। एक बड़ी परात में ऊपर लिखी सारी सामग्री मिलाकर सान लें। बस स्वाद के हिसाब से मीठा-नमकीन देख लें।
आमतौर पर यह काम-काज से निबटने के बाद घरेलू महिलाओं द्वारा थोक में खाया जाता है।
 सभी पाठक के मुँह में एक बार फिर से मुँह में पानी आ गया हो तो इस अद्भुत मस्तिष्क -पटल खोल देने वाले जायकेदार सिस्टम को ट्राई करें और मस्त सर्दी का आनंद ले
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