जागे विष्णु, तुलसी संग विवाह

देवप्रबोधनी एकादशी का शास्त्रों में बड़ा महत्व बताया गया है. कारण यह है कि इस दिन चार महीने के बाद भगवान विष्णु योगनिद्रा से जगते हैं. भगवान विष्णु जब तक सोते हैं तब तक कोई भी शुभ काम जैसे शादी, जनेऊ, मुंडन, मकान की नींव देने का काम नहीं किया जाता है. लेकिन देव प्रबोधनी…

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सुहागिनों का पर्व करवा चौथ

भारत त्योहारों का देश है. करवा चौथ जो की आज शनिवार को है. भारतीय महिलाएं इस पावन पर्व को उल्लास के साथ मनाती हैं. इस बार चन्द्रोदय रात्रि 8. 21 को है. करवा चौथ व्रत कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्थी को किया जाता है. विवाहित महिलाओं के लिए यह व्रत अखंड सौभाग्य का कारक होता है…

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सत्य की विजय का पर्व दशहरा

अन्याय, अत्याचार, अहंकार, विघटन और आतंकवाद आदि संसार के कलंक हैं. इतिहास पुराण गवाह हैं कि जब-जब आसुरी शक्तियां सिर उठाती रही हैं. तब-तब इस धरती में महापुरुषों ने जन्म लिया और आसुरी शक्तियों का विनाश किया. त्रेता युग में रावण, कुंभकर्ण, मेघनाद, खरदूषण, ताड़का, त्रिशरा आदि और द्वापर में कंस, पूतना, बकासुर के अलावा…

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गुरुजनों को घर से पहुंचाते थे राशन

इन्शान के जीवन में माता-पिता और गुरु देवता की सबसे बड़ी भूमिका होती है. शिक्षक ही जन्म के बाद संसार में जीने के लिए जीवन का अन्धकार मिटाने शिक्षा की ज्योति से बच्चों के भविष्य उज्जवल बनाने की नींव रखते हैं. माता-पिता और गुरु देवता की उत्तराखंड में भी बड़ी परम्परा थी. गुरुजनों का बड़े…

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