पहाड़ों से पलायन जारी

मंडल मुख्यालय पौड़ी में मंगलवार से दो दिवसीय चकबंदी मंथन शिविर शुरू हुआ. शिविर के पहले दिन दिल्ली व राज्य के विभिन्न जनपदों से आए विषय विशेषज्ञों ने पहाड़ों से लगातार हो रहे पलायन पर चिंता व्यक्त की. उत्तराखंड से पलायन के लिए सीधे तौर पर सरकारों को कटघरे में खड़ा किया गया विशेषज्ञों कहना था कि यदि यूपी, हिमाचल की तर्ज पर उत्ताराखंड राज्य में भी चकबंदी को लेकर कानून बनाया जाता तो आज न तो पहाड़ी गांव खाली होते और ना ही यहां की भूमि बंजर होती. संस्कृति भवन में गरीब क्रांति अभियान के तहत आयोजित इस मंथन शिविर का उद्घाटन चकबंदी व कृषि मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि मौजूदा समय को देखते हुए कम से कम पहाड़ी जनपदों में चकबंदी जरूरी हो गयी है. इसके लिए उन्होंने सीएम हरीश रावत के साथ वार्ता भी की. कानूनी चकबंदी के लिए चकबंदी सचिव को हिमाचल, यूपी व अन्य राज्यों के कानून को अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है. जल्दी ही इस पर सरकार निर्णय लेने जा रही है. पुरोला से आए उन्नतशील कृषक युद्धवीर सिंह रावत ने राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले नौ पर्वतीय जनपदों में चकबंदी लागू करने पर जोर दिया. चकबंदी के प्रणेता गणेश सिंह गरीब ने राज्य में अब तक चकबंदी कानून न बनाए जाने पर अब तक की सरकारों को कटघरे में खड़ा किया. पहाड़ों में पलायन से खाली होते गांव और बंजर हो रही खेती से दुखी गरीब ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2003 में कानून बनाने के लिए सचिवालय में बैठक तो की, लेकिन आगे करना क्या है इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया. मैती आंदोलन के प्रणेता कल्याण सिंह रावत ने कहा कि राज्य निर्माण का जो सपना देखा था, वह अधूरा है. पलायन ने पहाड़ को खाली कर दिया है. आज गांव झाड़ियों से पटने लगे हैं. गुलदार जंगल में रहते हैं, लेकिन वह गांव की झाड़ियों में है क्योंकि उसे पता ही नहीं कि मै जंगल में हूं या गांव में. इससे पूर्व गरीब क्रांति अभियान के तत्वावधान में प्रकाशित पुस्तक समृद्धि का मूल मंत्र चकबंदी का भी विमोचन किया गया. इस अवसर पर उत्तारांचल युवा प्रवासी समिति दिल्ली के विनोद मनकोट, दर्शन नेगी व हेमंत नेगी, दिल्ली के चकबंदी कार्यकर्ता अनूप पटवाल व विक्रम ध्यानी, पर्वतीय विकास संगठन टिहरी के जगदंबा प्रसाद, पूर्व महामंत्री विद्युत कर्मचारी संगठन दिल्ली मंगल सिंह नेगी, किसान महासभा अल्मोड़ा के पुरुषोत्ताम शर्मा के अलावा डीएम चंद्रशेखर भट्ट, सीडीओ सोनिका, समाज सेवी ललित मोहन कोठियाल, बी.मोहन नेगी, मनीष सुंद्रियाल आदि मौजूद थे.

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