Author Archives: uttarakhand

Anil Ambani cleans Badrinath, Kedarnath temple premises

Anil Ambani took Swachh Bharat initiative at Badrinath and Kedarnath shrines. Ambani cleaned the Badrinath and Kedarnath temple premises and area around it to spread the message of Swachh Bharat. Taking forward Prime Minister Narendra Modi’s initiative to rid the country of litter and rubbish, Reliance Group chairman Anil Ambani today cleaned the Badrinath and…

Read More

क्या आप जुड़े अपनी उत्तराखंडी वेबसाइट से ?

उतराखंड के निवासी एवं प्रवासी समाज को एक सूत्र में जोड़ने व प्रवासियों के सामाजिक दायरे को विस्तार देने के लिए www.uttarakhandpravasi.com और मेट्रोमोनियल वेबसाइट www.byohbaraat.com नामक दो सामाजिक वेबसाइट तैयार हैं. उतराखंडप्रवासीडॉटकॉम अन्य शोसियल नेटवर्किंग साईट की तरह ही बिलकुल मुफ्त है. यह साईट उतराखंड के लोगों के लिए एक डिजिटल डायरेक्ट्री का भी…

Read More

सत्य की विजय का पर्व दशहरा

अन्याय, अत्याचार, अहंकार, विघटन और आतंकवाद आदि संसार के कलंक हैं. इतिहास पुराण गवाह हैं कि जब-जब आसुरी शक्तियां सिर उठाती रही हैं. तब-तब इस धरती में महापुरुषों ने जन्म लिया और आसुरी शक्तियों का विनाश किया. त्रेता युग में रावण, कुंभकर्ण, मेघनाद, खरदूषण, ताड़का, त्रिशरा आदि और द्वापर में कंस, पूतना, बकासुर के अलावा…

Read More

नवरात्रि घटस्थापना शुभ मुहूर्त

आज से नवरात्रि पर्व आरंभ हो रहा है. मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना का पर्व 25 सितंबर 2014 से शुरू होकर 2 अक्टूबर को समाप्त होगा. 25 सितंबर को हस्त नक्षत्र में सूर्यास्त से पूर्व नवरात्रि की मंगल घटस्थापना अत्यंत शुभ है. घटस्थापना के मंगल मुहूर्त :- शुभ मुहूर्त गुरुवार प्रात: 6 बज…

Read More

आलू के बदले नमक

पहाड़ों में खेती का उत्पादन घरों की व्यवस्था चलाने तक सीमित था. कुछ फसलें जो नकद फसलें होती थी उनको दुकानदारों या ठेकेदारों को अन्य अन्न के बदले अदलाबदली की जाती थी. पहाड़ों में कई इलाकों में आलू और चोलाई (मारछा) बड़ी मात्रा में होता था. लोग आलू और चोलाई को उठाकर आलू के ठेकेदार…

Read More

पहाड़ की शेरनी के नाम पुरस्कार

श्रीनगर गढ़वाल:हमलावर गुलदार को ढेरकर खुद की जान बचाने वाली रुद्रप्रयाग जिले की शेरनी यानि कमला देवी के नाम पर राज्य सरकार वीरता पुरस्कार शुरू करेगी. अदम्य साहस का परिचय देने वाली महिलाओं को नौ नवंबर को राज्य स्थापना दिवस पर ये पुरस्कार दिए जाएंगे. रविवार को श्रीनगर बेस अस्पताल में इलाज करा रही घायल…

Read More

पत्थर को पारस बना देते थे गुरूजी 

गांव में शिक्षा का मतलब सिर्फ स्कूल जाना होता था. घरों में पढाई-लिखाई बहुत दूर की बात थी. गांव में जिन घरों में कोई साक्षर सदस्य होते थे उन घरों के बच्चों को तो कुछ घर में पढने-लिखने का मार्गदर्शन मिल जाता था लेकिन अधिकांश बच्चे बस स्कूल में जो सीखा उसी पढाई तक ही…

Read More

बच्चों पर भी होता है काम का बोझ

उत्तराखंड के पहाड़ों के बच्चे घर के कामों में भी परिवार का साथ देते थे. रोजमर्रा के घर के कई काम मानों पहाड़ के बच्चों के कन्धों पर होते थे. स्कूल के साथ-साथ, गाय-बैल, पशु चराना तो १० साल के बाद मानों बच्चों का ही काम होता था. जंगलों में पशु चराने के साथ ही…

Read More

जब धरती पर आते हैं हमारे पितृ

अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा का भोग लगाने का समय होता है पितृ पक्ष. कहते हैं पितृ पक्ष में हमारे पूर्वज धरती पर उत्तर आते हैं. पितृ पक्ष में अपने बंशजों द्वारा जो भोग पितरों को अर्पण किया जाता है उससे पितृ तृप्त होकर स्वर्ग लौट जाते हैं. इसलिए पितृ पक्ष के इन १६ दिनों…

Read More

पत्थर “खिलोने” और पालतू पशु होते थे “साथी”

खेल-कूद व्यक्ति के जीवन निर्माण और शारीरिक विकास के लिए अहम माने जाते थे. पहाड़ के व्यक्ति इसलिए भी शहर के बच्चों से ज्यादा सबल होते थे क्योंकि उनका बचपन कठोर परिश्रम और कठिन हालातों में गुजरा होता था. पहाड़ के बच्चों के खेल भी उनकी शारीरिक क्षमता के विकास के सबसे अहम होते थे…

Read More